Monday, May 28, 2012

यूपी में महामाया नहीं अब लक्ष्मीबाई पेंशन योजना


उत्तर प्रदेश सरकार ने मायावती शासनकाल की बहुप्रचारित महामाया गरीब आर्थिक मदद योजना का नाम बदल दिया है। अब इसको रानी लक्ष्मीबाई पेंशन योजना के नाम से जाना जाएगा। सरकार ने फिलहाल योजना के प्रारूप में कोई परिवर्तन नहीं किया है। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की अध्यक्षता में बुधवार को मंत्रिपरिषद की बैठक में इसे मंजूरी दी गई। रानी लक्ष्मीबाई पेंशन योजना में चयनित लाभार्थियों को 400 रुपये प्रतिमाह की दर से धनराशि दी जाएगी। यह धनराशि हर छह माह पर लाभार्थियों के खाते में डाली जाएगी। खाता परिवार की महिला मुखिया के नाम से होगा। महिला न होने की स्थिति में ही पुरुष मुखिया को लाभार्थी बनाने का प्राविधान किया गया है। वर्तमान वित्तीय वर्ष 2012-13 में योजना के तहत लगभग 25,75,000 परिवारों को लाभान्वित करने का लक्ष्य रखा गया है। इस पर लगभग 1289 करोड़ रुपये का व्यय संभावित है। राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि गरीबी रेखा के नीचे जीवनयापन करने वाले ऐसे परिवार जो बीपीएल सूची में शामिल होने से छूट गए हैं और जिन्हें बीपीएल राशन कार्ड, अंत्योदय योजना या किसी अन्य पेंशन योजना का लाभ प्राप्त नहीं हो रहा है, को रानी लक्ष्मीबाई पेंशन योजना से आच्छादित किया जाएगा। योजना के माध्यम से 50 प्रतिशत अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति के लाभार्थियों को लाभान्वित करने का लक्ष्य रखा गया है। मंत्रिपरिषद ने योजना के अंतर्गत पात्रता के लिए पांच सदस्यों के परिवार को आधार मानते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में 19,884 रुपये शहरी क्षेत्रों में 25,546 रुपये प्रति परिवार प्रति वर्ष की अधिकतम आय सीमा निर्धारित की है। पात्र परिवारों का चयन जिला स्तरीय अधिकारी की उपस्थिति में प्रत्येक ग्राम सभा की खुली बैठक में किया जाएगा। महिला कल्याण निगम कर्मियों को भी छठवां वेतनमान यूपी महिला कल्याण निगम के कर्मियों को छठा वेतनमान दिए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी मिली है। निगम कर्मियों को एक जनवरी 2011 के आधार पर वेतनमान पुनरीक्षित करते हुए वेतन संरचना का लाभ देने का निर्णय किया है। कार्मिकों के वेतन पुनरीक्षण पर आने वाले व्यय को महिला कल्याण निगम अपने संसाधनों से वहन करेगा। राज्य सरकार निगम को कोई वित्तीय सहायता उपलब्ध नहीं कराई जाएगी। इसके साथ ही निगम कर्मियों को राज्य कर्मियों के अनुरूप मकान किराया एवं नगर प्रतिकर भत्ते भी दिए जाएंगे। राजस्व न्यायालयों का कंप्यूटरीकरण राजस्व न्यायालयों के कंप्यूटरीकरण के लिए धनराशि की व्यवस्था कर दी गई है। इस मद में होने वाले खर्च के लिए उत्तर प्रदेश अधिकारों का अभिलेख (कंप्यूटरीकरण) (तृतीय संशोधन) नियमावली, 2012 को प्राख्यापित किए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी मिली है। इससे विभिन्न राजस्व न्यायालयों के कंप्यूटरीकरण, कंप्यूटर केंद्र के सुदृढ़ीकरण, आधुनिकीकरण, अनुरक्षण एवं संचालन का कार्य तहसील कंप्यूटर केंद्र द्वारा नियमानुसार प्राप्त हो रहे शुल्क से किया जा सकेगा। किसानों की बीमा राशि अब पांच लाख रुपये यूपी सरकार ने किसानों की बीमा राशि अब एक से बढ़ाकर पांच लाख रुपये कर दी है। राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में किसानों के हित में यह फैसला किया गया। सपा ने चुनाव घोषणा पत्र में वादा किया था कि अगर किसान खेती के कार्य से घर से निकलता है और किसी दुर्घटना जैसे करंट लगने, आकाशीय बिजली गिरने, सांप काटने, डूबने या अन्य किसी दुर्घटना से, उसकी मृत्यु हो जाती है, तो सरकार उसके परिवार को पांच लाख रुपये देना सुनिश्चित करेगी। इसके मद्देनजर मंत्रिपरिषद ने खातेदार या सहखातेदार किसानों के लिए संचालित जनता व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा योजना के अंतर्गत बीमा की राशि एक से पांच लाख रुपये करने के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान कर दी। इस योजना में किसान का तात्पर्य राजस्व अभिलेखों अर्थात् खतौनी में दर्ज खातेदार/सहखातेदार से है, जिसकी आयु 12 वर्ष से 70 वर्ष में मध्य है।

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