चुनाव की तैयारी कर रही सरकारें बजट में किस प्रकार की लोकलुभावन योजनाओं की झड़ी लगाती हैं, शीला दीक्षित का बजट उसकी एक बेहतरीन बानगी है। दिल्ली विधानसभा में सोमवार को पेश वित्त वर्ष 2012-13 के 33436 करोड़ रुपये के बजट प्रस्तावों में वित्त विभाग संभालने वाली मुख्यमंत्री ने दिल्ली के गरीबों, अल्पसंख्यकों, अनुसूचित जाति, जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, छात्रों, महिलाओं आदि को लुभाने में कोई कसर बाकी नहीं रखी है। मुख्यमंत्री ने पेट्रोल की कीमतों में वृद्धि से परेशान शहर के मध्यम वर्ग को राहत देते हुए बढ़ी हुई कीमतों पर लगने वाले 20 प्रतिशत वैट की राशि नहीं लेने का ऐलान किया है। इससे दिल्ली में पेट्रोल की कीमतें 1.26 रुपये प्रति लीटर कम हो जाएंगी। बजट पास होने के बाद दिल्ली में पेट्रोल 73.18 रुपये प्रति लीटर के बदले 71.92 रुपये प्रति लीटर बिकेगा। लेकिन बड़ी चतुराई से दीक्षित ने सीएनजी पर पहली बार पांच प्रतिशत की दर से वैट लगाने का प्रस्ताव किया है। इससे शहर में सीएनजी की कीमतों में प्रति किलो 1.77 रुपये की वृद्धि हो जाएगी। पेट्रोल की कीमतों में कमी से सरकार को प्रतिवर्ष 140 करोड़ रुपये का घाटा होगा, जबकि सीएनजी पर पांच प्रतिशत की दर वैट लगाने से करीब 100 करोड़ रुपये का मुनाफा होगा। मुख्यमंत्री ने दिल्ली को देश का पहला केरोसिन मुक्त शहर बनाने का ऐलान करते हुए रसोई में केरोसिन का इस्तेमाल करने वाले 1.75 लाख परिवारों को एकमुश्त दो हजार रुपये देने की घोषणा की है जिससे कि वे एलपीजी कनेक्शन ले सकें। गरीबों पर मेहरबानी दिखाते हुए दीक्षित ने अन्नश्री योजना शुरू करने की घोषणा की है। इसके तहत दिल्ली में रहने वाले दो लाख परिवारों को प्रतिमाह 600 रुपये की अन्न सब्सिडी दी जाएगी। इसके लिए बजट में 150 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। राजधानी के बक्करवाला में एक शैक्षिक केंद्र स्थापित करने की घोषणा की गई है। इसके अलावा अनुसूचित जाति, जनजाति, अल्पसंख्यकों तथा अन्य पिछड़ा वर्ग से ताल्लुक रखने वाले लोगों के लिए स्वरोजगार योजना शुरू करने की घोषणा भी की गई है। इसके तहत रोजगार शुरू करने के इच्छुक इन तमाम वर्गो के लोगों को पांच लाख रुपये तक का कर्ज सरकार की ओर से दिया जाएगा। अल्पसंख्यक बहुलता वाले जिलों में 150 आंगनवाड़ी केंद्र तथा 15 जेंडर रिसोर्स सेंटर खोलने की भी घोषणा की है। अल्पसंख्यक समुदायों के युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए मिशन कंवर्जेश के माध्यम से भी 10 नए केंद्र शुरू किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने बुराड़ी, अंबेडकर नगर, हस्तसाल, सिरसपुर, मादीपुर, सरिता विहार तथा द्वारका में नए अस्पताल खोलने का भी ऐलान किया है। एचआइवी संक्रमित लोगों को भी सरकार इलाज के लिए एक हजार रुपये प्रतिमाह देगी। इस बीमारी से संक्रमित बच्चों को सरकार 2050 रुपये प्रतिमाह देगी। बजट भाषण में दीक्षित ने कहा कि दिल्ली सरकार ने वर्ष 2011-12 में ही 110 करोड़ रुपये का एक आरोग्य कोष बनाया है। दो लाख रुपये प्रतिवर्ष आय वाले लोगों को इलाज के लिए इस कोष से मदद की जाएगी। उन्होंने प्राइवेट-पब्लिक पार्टनरशिप के तहत दिल्ली में 100 डायलिसिस मशीनें लगाने की भी घोषणा की। सरकारी तथा सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में पढ़ने वाले पहली से पांचवीं कक्षा तक के छात्र-छात्राओं को कॉपी-किताब आदि खरीदने के लिए प्रतिवर्ष 300 रुपये तथा छठी से आठवीं कक्षा तक के छात्र-छात्राओं को 400 रुपये प्रतिवर्ष दिए जाएंगे। दिल्ली के कटराओं में रहने वाले लोगों को सुविधा देते हुए बजट में दीक्षित ने इन कटरों के विकास के लिए पांच करोड़ रुपये की राशि आवंटित करने की घोषणा की है। शहर की पुनर्वास कालोनियों में रहने वाले लोगों पर मेहरबानी दिखाते हुए मुख्यमंत्री ने 44 कालोनियों के मूल आवंटियों को उनके मकानों का मालिकाना हक देने का भी ऐलान किया है। दिल्ली के शहरीकृत गांवों के विकास के लिए 53 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, वहीं अन्य गांवों के विकास के लिए 192 करोड़ रुपये की राशि आवंटित करने का प्रस्ताव किया गया है। दो हजार इको क्लब को दी जाने वाली सहायता राशि को 10 हजार रुपये से बढ़ाकर 20 हजार रुपये करने की घोषणा की गई है। दीक्षित ने 1800 करोड़ रुपये की लागत से बापरौला के 77 एकड़ क्षेत्र में एक ज्ञान आधारित औद्योगिक पार्क विकसित किए जाने की भी घोषणा की है। उन्होंने सिंगापुर के सहयोग से जौनापुर इलाके में एक विश्वस्तरीय ग्रीन फील्ड कुशलता उन्नयन केंद्र खोलने का भी प्रस्ताव किया है।
No comments:
Post a Comment