विधानसभा में विपक्ष के हंगामे के बीच वित्त मंत्री डॉ. इंदिरा हृदयेश ने वर्ष 2012-13 का वार्षिक बजट पेश किया। बजट में आम आदमी को राहत देते हुए सरकार ने कोई नया कर नहीं लगाया। छोटे कारोबारियों, किसानों, अल्पसंख्यकों पर मेहर बरसाई गई है। कुल 21931.77 करोड़ के बजट प्रस्ताव में प्लान में 7048.96 करोड़ और नान प्लान में 14882.81 करोड़ का प्रावधान है। नई सरकार ने लोक-लुभावन बजट में पांच बिंदुओं आजीविका सुरक्षा, आर्थिक सुरक्षा, ऊर्जा सुरक्षा, वन एवं पर्यावरण सुरक्षा के साथ आंतरिक और बाहरी सुरक्षा की बुनियाद पर भावी योजनाओं को अमल में लाने का संकल्प जताया। फल-सब्जी-फूल पट्टी विकसित करने को नौजवानों को बैंकों की मदद से माइक्रो फाइनेंसिंग सुविधा मुहैया कराई जाएगी। बजट में पीपीपी मोड से स्वास्थ्य और शिक्षा में नई पहल की गई है तो ढांचागत विकास के लिए सड़कों-पुलों, लघु जलविद्युत परियोजनाओं पर खासा जोर दिया गया है। करीब 441.84 करोड़ के राजस्व सरप्लस बजट में प्रदेश की जरूरत पूरी करने की उम्मीद बंधाई गई है। नए बजट में दीपावली पर्व पर बिकने वाले शक्कर निर्मित कुलिया, खिलौने, बताशे को कर मुक्त किया गया। रोड साइड ढाबों, औद्योगिक प्रतिष्ठानों एवं रेस्टोरेंट व फूड प्वाइंट्स पर भोजन सस्ता मिलेगा। पके भोजन पर 13.5 फीसदी वैट उक्त स्थानों पर महज चार फीसदी की दर से वसूल किया जाएगा। इन केंद्रों की बिक्री सालाना 50 लाख रुपये तक होनी चाहिए। उक्त कारोबारियों के लिए एकमुश्त समाधान राशि योजना की अवधि बढ़ाकर 31 मार्च, 2005 की गई है। उद्यान छातों को छोड़कर सभी प्रकार के छाते वैट कर से मुक्त किए गए हैं। सीएफएल बल्ब और ट्यूब पर वैट 13.5 फीसदी से घटाकर 4.5 फीसदी होगा। किसानों को पांच लाख के कृषि लोन पर स्टांप ड्यूटी से छूट दी गई है। छोटे कारोबारियों को मोमबत्ती पर 4.5 फीसदी वैट नहीं देना होगा। ऊर्जा क्षेत्र के लिए 599 करोड़ एवं वैकल्पिक ऊर्जा के लिए 12.60 करोड़ बजट प्रावधान है। टिहरी जिले में 2.40 मेगावाट क्षमता की पवन ऊर्जा आधारित पहली विद्युत परियोजना जल्द शुरू होगी। चार धाम यात्रा के रास्तों पर पैदल तीर्थयात्रियों, साधु-संतों के लिए रैन बसेरों का निर्माण व साधारण चना-चबेना की व्यवस्था का प्रावधान किया गया है। चार धाम उपासना केंद्रों व मार्गो को साफ-सुथरा बनाने के साथ ही बदरीनाथ धाम के लिए जोशीमठ से आगे, केदारनाथ धाम के लिए गौरीकंुड से आगे, गंगोत्री के लिए हर्षिल से आगे व यमुनोत्री के लिए जानकीचट्टी से आगे बीड़ी-सिगरेट, तंबाकू, शराब आदि मादक पदार्थ व पालीथीन पर रोक लगाने का प्रस्ताव किया गया है। 50 फीसदी से ज्यादा अल्पसंख्यक आबादी वाले गांवों में अवस्थापना कार्यो के लिए अल्पसंख्यक उपयोजना संचालित होगी। सड़कों, पुलों व लोक निर्माण, आवास एवं शहरी विकास केंद्रपोषित योजनाओं व अन्य योजनाओं से नियोजित ढंग से किया जाएगा। 5000 शहरी युवाओं के लिए उत्थान योजना शुरू की गई है। शिक्षा में कुछ प्राइमरी स्कूलों को अंग्रेजी माध्यम में पीपीपी मोड में संचालित किया जाएगा। सार्वजनिक वितरण प्रणाली को मजबूत बनाने के लिए प्रत्येक स्तर पर कंप्यूटरीकरण किया जाएगा। शैक्षिक योग्यता के आधार पर बेरोजगारी भत्ता देने, खनन क्षेत्रों के सर्विलांस व पर्यावरणीय प्रभाव आकलन समेत प्रबंधन योजना बनाई जाएगी। दून व हल्द्वानी में अंतरराष्ट्रीय स्तर का स्टेडियम का निर्माण प्रस्तावित किया गया है। इससे पूर्व महंगाई के मुद्दे पर नियम-310 के तहत चर्चा की मांग पर अड़े विपक्ष ने गुरुवार को पूरे दिन सदन नहीं चलने दिया। विपक्षी विधायक वेल में आकर नारेबाजी करते रहे, जिसके चलते स्पीकर को सदन की कार्यवाही कई बार स्थगित करनी पड़ी। भाजपा विधायकों ने सदन के बाहर भी सांकेतिक धरना दिया।
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