Saturday, June 30, 2012

अगली कक्षा में मिलेगा लैपटाप-टैबलेट


राज्य मंत्रिमंडल की मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की अध्यक्षता में हुई बैठक में शुक्रवार को सपा की महत्वाकांक्षी लैपटाप-टैबलेट वितरण योजना के स्वरूप और दिशानिर्देशों समेत वाहनों के लिए प्रस्तावित हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट के दामों को मंजूरी प्रदान कर दी। राज्य को बिजली संकट से उबारने के लिए मंत्रिमंडल ने कई अहम् फैसले किए हैं। इनमें उत्पादन निगम को 1320 मेगावाट का नया बिजलीघर लगाने के प्रस्ताव को मंजूरी देने के साथ पावर कारपोरशन को 8500 करोड़ की गारंटी देना प्रमुख है। सरकार ने पार्टी के चुनावी वादे पर अमल करते हुए यह किया है कि टैबलेट व लैपटॉप उन्हीं छात्र-छात्राओं को दिए जाएंगे जिन्होंने अगली कक्षा में प्रवेश ले लिया है। इसके लिए आवेदन करते समय प्रवेश का प्रमाणपत्र भी लगाना होगा। जिला विद्यालय निरीक्षकों द्वारा लाभार्थियों की सूची तैयार कर जिलाधिकारी के जरिए शासन को भेजी जाएगी। प्रदेश सरकार ने दसवीं पास छात्रों को टैबलेट और बारहवीं पास छात्रों को लैपटाप देने की घोषणा कर रखी है। इसके लिए जरूरी दिशा निर्देश और कार्ययोजना का स्वरूप तय करने के लिए उच्च स्तरीय समिति का गठन भी किया गया है। इस योजना से प्रदेश में पचास लाख से अधिक छात्रों के लाभांवित होने का अनुमान है। मंत्रिमंडल की बैठक में राज्य को बिजली संकट से उबारने के लिए पांच प्रस्तावों को हरी झंडी दी गई। प्रमुख सचिव ऊर्जा अनिल कुमार गुप्ता ने बताया कि बैठक में राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड के अधीन ओबरा सी विस्तार ताप विद्युत परियोजना के तहत 660-660 मेगावाट की दो यूनिटें लगाए जाने का फैसला किया है। 1320 मेगावाट की दोनों यूनिटें लगाने में तकरीबन 8778 करोड़ का खर्च आएगा। इनसे बिजली का उत्पादन शुरू होने में लगभग साढ़े चार वर्ष लगेंगे। उन्होंने बताया कि उत्पादन निगम के पारीछा बिजली घर की पुरानी हो चुकी 110-110 मेगावाट की एक व दो नंबर यूनिट की 285 करोड़ से मरम्मत संबंधी कार्य भी कराए जाएंगे। अभी दोनों यूनिटों में जहां एक बंद है वहीं दूसरे से मात्र 65 मेगावाट बिजली मिल रही है। छह माह में मरम्मत का कार्य पूरा होने के बाद दोनों यूनिटों से लगभग 200 मेगावाट बिजली मिलने लगेगी। प्रमुख सचिव ने बताया कि विद्युत वितरण क्षेत्र के घाटे को पूरा करने के लिए बैंकों से लिए जाने वाले लोन के मद्देनजर मंत्रिमंडल ने पॉवर कारपोरेशन को 8500 करोड़ रुपये की शासकीय गारंटी दिए जाने का भी निर्णय किया है। घाटे के चलते कार्पोरेशन को बिजली खरीदने के लिए बैंकों से लोन नहीं मिल पा रहा है। कारपोरेशन द्वारा पूर्व में खरीदी गई बिजली का भी दो हजार करोड़ से ज्यादा बकाया है। गुप्ता ने बताया कि सौर ऊर्जा क्रय आब्लीगेशन के तय लक्ष्य को पूरा करने के लिए मंत्रिमंडल ने पॉवर ट्रेडिंग कंपनी से 50 मेगावाट सौर ऊर्जा व 200 मेगावाट तापीय बिजली खरीदने का भी फैसला किया है। उन्होंने बताया कि रोजा ताप विद्युत परियोजना स्टेज-दो की पुनरीक्षित लागत के संबंध में कैबिनेट ने तय किया है कि विद्युत नियामक आयोग द्वारा गठित समिति में राज्य सरकार का भी प्रतिनिधि रहे।

No comments:

Post a Comment