दिल्ली में प्रति व्यक्ति आय वर्ष 2010-11 में 1,35,814 रुपये (मासिक आय 11250 रुपये) रहने की संभावना है। पिछले वर्ष की तुलना में यह 16.19 प्रतिशत ज्यादा है। 2009-10 के आंकडे़ के अनुसार दिल्ली की प्रति व्यक्ति आय 1,16,886 रुपये थी। शुक्रवार को दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित द्वारा राज्य घरेलू उत्पाद के 2010-11 के अनुमान पर जारी रिपोट में यह बातें सामने आई हैं। रिपोर्ट को दिल्ली सरकार के अर्थ एवं सांख्यिकी निदेशालय ने भारत सरकार के केंद्रीय सांख्यिकी संगठन द्वारा सुझाई गई प्रक्रिया के अनुरूप तैयार किया है। दीक्षित ने बताया कि दिल्ली प्रति व्यक्ति आय के मामले में सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में तीसरे स्थान पर आती है। राष्ट्रीय स्तर पर 2009-10 में प्रति व्यक्ति आय 46,492 रुपये बनती है। मुख्यमंत्री ने बताया कि दिल्ली में साल दर साल प्रति व्यक्ति आय बढ़ रही है। वर्ष 2004-05 में 61,560 रुपये, 2008-09 में 1,01,381 रुपये, 2009-10 में 1,16,886 रुपये और 2010-11 में यह 1,35,814 रुपये है। रिपोर्ट से यह भी पता चलता है कि दसवीं पंचवर्षीय योजना की अवधि में 2002-03 से 2006-07 के बीच सकल राज्य घरेलू उत्पाद की वार्षिक वृद्धि औसत वर्तमान मूल्यों पर 15.13 प्रतिशत रिकॉर्ड की गई और 11वीं पंचवर्षीय योजना में 2007-08 से 2009-10 के बीच यह औसत 17.19 प्रतिशत रही। दीक्षित ने यह भी बताया कि वर्तमान मूल्यों पर 2009-10 और 2010-11 की जीएसडीपी (ग्रोस स्टेट डोमेस्टिक प्रोडक्ट) से पता चलता है कि प्राथमिक क्षेत्र यानी कृषि आदि का अंश कम हो कर 0.72 प्रतिशत और 0.61 प्रतिशत हो गया जबकि 2004-05 आधार वर्ष में यह 1.09 प्रतिशत था। इसके अलावा सेकंडरी क्षेत्र निर्माण और विनिर्माण में भी आधार वर्ष के मुकाबले 2009-10 में जीएसडीपी के अंश में कमी आयी और यह 17.74 प्रतिशत हो घटकर वर्ष 2010-11 में 17.11 प्रतिशत हो गया। व्यापार, होटल, संचार बैंकिंग, रियल स्टेट और अन्य सेवाओं का जीएसडीपी में अंश लगातार बढ़ता जा रहा है। इस क्षेत्र का योगदान 2004-05 में 80.40 प्रतिशत था जो 2009-10 में बढ़कर 81.83 प्रतिशत और 2010-11 में बढ़कर 82.27 प्रतिशत हो गया।