Thursday, May 5, 2011

जितने अधिक सदस्य उतना अधिक मिलेगा राशन


केंद्र सरकार की प्रस्तावित नई राशन प्रणाली में हर माह दिए जाने वाला राशन अब परिवार के सदस्यों की संख्या के आधार पर दिया जाएगा। इसके तहत प्रत्येक व्यक्ति को सात किलो राशन हर महीने दिया जाएगा। अनाज की मात्रा राशन कार्ड पर दर्ज सदस्यों की संख्या के आधार पर तय की जाएगी। नई राशन प्रणाली के इस प्रावधान से उन बीपीएल परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा, जिनके परिवार के सदस्यों की संख्या पांच लोगों से अधिक है। नए प्रावधान से गरीब परिवार के सदस्यों की बढ़ी हुई संख्या के आधार पर उन्हें पर्याप्त अनाज मिल सकेगा। फिलहाल हर परिवार को प्रति माह 35 किलो अनाज मिलता है। नया नियम लागू होने के बाद अनाज के आवंटन में भारी वृद्धि करनी होगी। प्रणाली में इस संशोधन की सिफारिश प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के निर्देश पर गठित मुख्यमंत्रियों के समूह ने की है। इस समूह के अध्यक्ष योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया हैं। इस कमेटी में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह और असम के मुख्यमंत्री तरुण गोगोई सदस्य हैं। कमेटी राशन प्रणाली में सुधार पर अपनी सिफारिशें इस महीने के आखिर तक प्रधानमंत्री को सौंपेगी। योजना आयोग के वर्ष 1993-94 के अनुमान के मुताबिक केंद्र सरकार हर महीने 6.52 करोड़ गरीब परिवारों को रियायती दर पर बेचती है, लेकिन राज्यों में कुल गरीब परिवारों की संख्या 11 करोड़ है। इस मामले में राज्य सरकार के जवाब को कमेटी ने गंभीरता से सुना है। इसी के आधार पर कमेटी ने अपनी सिफारिशों में कहा है कि गरीब परिवारों के टूटने से यह संख्या लगातार बढ़ी है, जिसे केंद्र सरकार की ओर से नजरअंदाज किया गया है। कमेटी ने राशन प्रणाली में सुधार के लिए जो सुझाव दिए हैं, उसमें विचाराधीन खाद्य सुरक्षा विधेयक पर खास ध्यान दिया गया है। यानी हर गरीब परिवार तक राशन दुकानों के मार्फत रियायती दर वाला अनाज पहुंच सके। खाद्य सुरक्षा विधेयक में सरकार गरीब परिवारों को रियायती अनाज देने की गारंटी के स्थान पर हर गरीब को खाद्य सुरक्षा की गारंटी देगी। राशन प्रणाली में सुधार की दिशा में गरीब परिवारों को राशन कार्ड की जगह स्मार्ट कार्ड दिए जाने का प्रावधान है। खाद्य सब्सिडी की राशि उसके इसी कार्ड में भरी जाएगी, जिससे वह खुदरा दुकानों अथवा रियायती दर की दुकानों से गेहूं, चावल, अंडा, मीट और दालें खरीद सकता है|

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