Tuesday, May 3, 2011

मेट्रो एक्सप्रेस को लोकप्रिय बनाएंगे छात्र



दिल्ली में तीव्र गति से मेट्रो ट्रेन चलने का सपना 23 फरवरी को साकार हुआ, लेकिन दो माह बाद भी मेट्रो की एक्सप्रेस लाइन आम लोगों में लोकप्रिय नहीं हो पाई है। इसे देखते हुए परिचालन करने वाली निजी कंपनी छात्रों का सहारा लेगी। इसके लिए दिल्ली के नामीगिरामी निजी स्कूल में पढ़ने वाले छात्रों को ही लाइन पर सैर के साथ-साथ उन्हें एक्सप्रेस लाइन के तैयार होने के बारे में जानकारी दी जाएगी। इसे शिक्षा-सह-सैर नाम दिया गया है। इसमें टिकट का खर्चा स्कूल वहन करेंगे। इस लाइन की परिचालन कंपनी दिल्ली एयरपोर्ट मेट्रो एक्सप्रेस प्राइवेट लिमिटेड ने कई स्कूलों के साथ समझौता किया है। कंपनी प्रवक्ता के अनुसार जब शहर के शीर्ष स्कूलों के छात्र हाई-स्पीड मेट्रो पर सवार होंगे तो यह उनके लिए एकदम अलग तरह का अनुभव होगा। यह दिल्लीवासियों के बीच एयरपोर्ट मेट्रो लाइन को लोकप्रिय बनाने की कोशिश का हिस्सा है। छात्रों को सैर के दौरान हाई-स्पीड ट्रेन के लाभ के बारे में बताया जाएगा। एयरपोर्ट मेट्रो ट्रेन 105 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलती है। इसमें परिवहन की आधुनिक प्रणाली वाली प्रौद्योगिकी का कैसे प्रयोग किया गया है इसके बारे में उन्हें बताया जाएगा। कंपनी प्रवक्ता ने बताया कि इस योजना के तहत इसी सप्ताह चाणक्यपुरी के संस्कृति स्कूल के एक हजार से अधिक छात्र एयरपोर्ट मेट्रो की सैर करेंगे। इसके बाद माउंट कार्मेल समेत अन्य पब्लिक स्कूल के छात्र जायजा लेंगे। छात्रों को तकनीक समेत अन्य जानकारी देने के लिए नुक्कड़ नाटक भी दिखाए जाएंगे। मालूम हो कि नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से आइजीआइ एयरपोर्ट होते हुए द्वारका सेक्टर-21 को जाने वाली मेट्रो की एक्सप्रेस लाइन की कुल दूरी 23 किलोमीटर के करीब है। मगर तीव्र गति से यह दूरी 20 मिनट तय हो जाती है। अभी औसतन सात हजार यात्री ही इस पर प्रतिदिन सफर कर रहे हैं। एक्सप्रेस लाइन को लोकप्रिय बनाने के लिए रामनवमी, बैसाखी और गुड फ्राइडे जैसे अवसरों पर यात्री किराए में 50 फीसदी की छूट दी गई थी।

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