Monday, July 11, 2011

देर से ही सही, दुरुस्त हुआ पालिका बाजार

अस्तित्व में आने के 33 साल बाद देश का पहला भूमिगत बाजार पालिका अब सज-संवर कर तैयार हो चुका है। निर्माण के बाद एनडीएमसी ने पहली बार वर्ष 2007 में कनाट प्लेस के साथ-साथ पालिका बाजार को संवारने का फैसला लिया था। सौंदर्यीकरण का काम वर्ष 2009 में शुरू हुआ। इसे राष्ट्रमंडल खेलों से पूर्व ही पूरा होना था। मगर कनाट प्लेस की तरह पालिका बाजार का काम भी अधूरा रह गया था। काम पूरा होने के बाद बाजार का औपचारिक उद्घाटन करने के लिए मुख्यमंत्री शीला दीक्षित को निमंत्रण पत्र भेजा गया है। पालिका बाजार के एयरकंडीशनिंग सिस्टम को बेहतर किया गया है। साथ ही स्वचालित सीढि़यां, जगह-जगह सीसीटीवी कैमरे, सेंट्रल हॉल व गैलरी में बेहतर टाइल्स आदि लगाए गए हैं। 25 करोड़ रुपये की लागत आई है। पालिका बाजार एसोसिएशन के अध्यक्ष बलजीत सिंह कोहली बताते हैं कि देर से ही सही अब सौंदर्यीकरण का काम पूरा हो गया है तो बाजार की रौनक बढ़ेगी। एनडीएमसी के प्रवक्ता आनंद तिवारी कहते हैं कि पालिका बाजार में जो मुख्य काम थे, वह महीनों पहले समाप्त हो गए थे। मार्च से फिनिशिंग का काम चल रहा था जो अब पूरा हो चुका है। यहां हर रोज हजारों लोग खरीदारी करने आते हैं। इनमें बड़ी संख्या में विदेशी पर्यटक भी होते हैं। देश में तेजी से विकसित हो रहे मॉल कल्चर के बावजूद देश के इस पहले भूमिगत बाजार को लेकर लोगों में आज भी एक जबरदस्त क्रेज है।
दैनिक जागरण (राष्ट्रीय संस्करण)  , 10 जुलाई, 2011

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