केंद्र सरकार पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग में प्रस्तावित गोरखालैंड टेरिटोरियल एडमिनिस्ट्रेशन को 600 करोड़ रुपये का वित्तीय पैकेज देगी। इससे यह निकाय अपने अधिकार क्षेत्र में विकास कार्यो को पूरा कर सकेगा। यह पैकेज तीन वर्षो में दिया जाएगा और इसी वित्तीय वर्ष से प्रारंभ होगा। प्रत्येक वर्ष 200 करोड़ रुपये की राशि केंद्र सरकार द्वारा दी जाएगी। यह पैकेज 18 जुलाई को होने वाली त्रिपक्षीय समझौता वार्ता का ही हिस्सा है। वार्ता राज्य, केंद्र और गोरखा जनमुक्ति मोर्चा (जीजेएम) केबीच प्रस्तावित हैं। इसमें तीनों पक्ष समझौते पर हस्ताक्षर करेंगे। मुख्यमंत्री ममजा बनर्जी ने शुक्रवार को बताया कि केंद्रीय गृहमंत्री पी चिदंबरम राज्य के नेता प्रतिपक्ष सूर्यकांत मिश्रा इस मौके पर मौजूद रहेंगे। गोरखा जनमुक्ति मोर्चा के नेताओं ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की घोषणा का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि जिस तरह कश्मीर देश का Oदय है उसी तरह पश्चिम बंगाल का Oदय दार्जिलिंग है। हमारे पास विजन है इसलिए उत्तर बंगाल को स्वीट्जरलैंड बनाने की योजना है। मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को राइटर्स में संवाददाता सम्मेलन में कहा कि मुख्य सचिव समर घोष के नेतृत्व में राज्य अधिकारियों, केंद्र सरकार और दार्जिलिंग के हमारे भाई-बहनों के अथक प्रयासों के कारण अब त्रिपक्षीय समझौते पर हस्ताक्षर के लिए आम सहमति बन गई है। हम 18 जुलाई को इस पर हस्ताक्षर करेंगे। मुख्यमंत्री बनर्जी ने कहा कि केंद्र सरकार के आग्रह पर इस कार्यक्रम के लिए सिलीगुड़ी केनिकट कर्सियांग के सुकना क्षेत्र को चुना गया है। ताकि केंद्रीय गृहमंत्री पी चिदंबरम मानसून के बीच भी यहां आसानी से पहुंच सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि वे यह सुनिश्चित कराना चाहती थीं कि यह कार्यक्रम बारिश के कारण बाधित न हो। तराई इलाके को हिल्स काउंसिल में शामिल करने को लेकर बुलाए गए बंद पर ममता ने कहा कि कुछ संगठन और लोग चाहते हैं कि दार्जिलिंग समस्या का समाधान नहीं हो। जंगलमहल से लेकर पहाड़ तक अदिवासियों के लिए विकास कार्य करना उनका मुख्य लक्ष्य है। इस समझौते पर हस्ताक्षर के बाद उत्तर बंगाल के छह जिलों के लिए मिनी सचिवालय का भी उद्घाटन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि वह जंगल महल के बीच रास्ते से लोगों को लेकर जाएंगी। कुछ फर्जी व अज्ञात संगठन कार्यो में बाधा पहुंचा रहे हैं जिनकी मंशा पूरी नहीं होगी। इस क्षेत्र के लिए कई हवाई अड्डे भी बनाए जा रहे हैं।
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