मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिलाने के प्रति संकल्पित हैं। उन्हें उम्मीद है कि राज्य के लोगों की मेहनत रंग लाएगी और बिहार को विशेष राज्य का दर्जा अवश्य मिलेगा। प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह से उन्हें काफी उम्मीद है। उनका मानना है कि राष्ट्रीय विकास परिषद (एनडीसी) की बैठक में इस पर सहमति बनने के पूरे आसार हैं। मुख्यमंत्री शुक्रवार को विधानसभा स्थित अपने कक्ष में संवाददाताओं से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय विकास परिषद की बैठक में वही निर्णय होता है, जो केंद्र सरकार चाहती है। इसमें प्रधानमंत्री की बात को उठा देने की परम्परा नहीं रही है। ऐसी स्थिति में बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने संबंधित मामला एनडीसी में जाता है तो उसपर सहमति मिलनी तय है, लेकिन यह केंद्र के रुख पर निर्भर करता है कि वह बिहार को उसका वाजिब हक देने के पक्ष में है या नहीं। केंद्र एनडीसी में बिहार के पक्ष को किस रूप में प्रस्तुत करता है। यह इस बैठक से पता चलेगा। नीतीश कुमार ने कहा कि जदयू के शिष्टमंडल से मिलकर प्रधानमंत्री ने जनभावना की कद्र की है। इससे विशेष राज्य को दर्जा देने का एक चरण पूरा हुआ। प्रधानमंत्री से व आमना-सामना हुआ, बातचीत हुई। हम 2006 से सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल के लिए प्रधानमंत्री से समय मांग रहे थे। विस्तृत दस्तावेज भेजे। अबकी लक्ष्य से अधिक हस्ताक्षर हुआ। जदयू के शिष्टमंडल के लिए पीएम से 15 दिन पहले समय मांगा गया था। मुख्यमंत्री के अनुसार विशेष राज्य के दर्जे की मांग तथ्य व मजबूत तर्क पर आधारित है। अंतरराष्ट्रीय सीमा व बाढ़ की समस्या का निदान राज्य के भीतर नहीं होना मजबूत आधार है। बिहार की एतिहासिक उपेक्षा हुई है। आजादी के तुरंत बाद माल भाड़ा समानीकरण नहीं होता तो इतनी गैर बराबरी नहीं आती। योजना मद में प्रति व्यक्ति निवेश बहुत कम है। ऐसी स्थिति में केंद्र की सहायता मिलती है तो विकास के मामले में छलांग लगाई जा सकती है, वरना राष्ट्रीय औसत तक भी पहुंचना मुश्किल है। आतंकवादी घटनाओं से संबंधित सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर कांग्रेस व केंद्र सरकार गंभीर नहीं है। सत्ता पक्ष के लोग ही एकमत नहीं हैं। फिर भी केंद्र कोई भी पहल करे, तो हम साथ देने को तैयार हैं। उन्होंने राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद का बिना नाम लिए कहा कि केंद्रीय मंत्रिमंडल विस्तार से पहले व बाद में केंद्र के प्रति उनकी बोली बदल गई है।
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