जम्मू-कश्मीर के एक लाख युवाओं को नौकरी देने की केंद्र की महत्वाकांक्षी योजना साकार होती दिख रही है, क्योंकि गोदरेज, टाटा, इंफोसिस और बजाज जैसी देश की अग्रणी कंपनियों ने उसकी इस पहल में शामिल होने की रुचि व्यक्त की है। सूत्रों ने बताया कि प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह द्वारा नियुक्त सी. रंगराजन समिति के सुझावों पर आधारित विशेष योजना को आगे बढ़ाते हुए केंद्र सरकार ने घाटी के युवाओं को राज्य से बाहर सेवा क्षेत्र में नियोजित करना शुरू कर दिया है। केंद्र सरकार द्वारा प्रायोजित 253.3 करोड़ रुपये की योजना को आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने 19 मई को मंजूरी दे दी थी। इसका क्रियान्वयन अगले 5 वर्षो में किया जाएगा। रंगराजन समिति ने फरवरी 2011 में अपनी रिपोर्ट प्रधानमंत्री को सौंपी थी। योजना में कारपोरेट जगत की सक्रिय भागीदारी के अलावा युवाओं को प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। इंफोसिस, टाटा कंसलटेंसी सर्विसेज, गोदरेज एंड बायस, क्राम्प्टन ग्रीव्ज, बजाज ऑटो, टाटा मोटर्स तथा अपोलो हॉस्पिटल जैसी प्रमुख कंपनियों ने इसमें शामिल होने की इच्छा जताई है। इस पहल के तहत क्षेत्रवार 10 से 20 कंपनियों को चिन्हित किया जाएगा जो शिक्षण संस्थानों के साथ सहयोग करके विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाएंगी। ताकि इन शिक्षण संस्थानों में पढ़ने वाले कम से कम 8 हजार छात्रों को हर वर्ष फायदा हो। इसके तहत जम्मू-कश्मीर के 40 हजार युवाओं को अन्य राज्यों में भेजा जाएगा। ग्रामीण विकास मंत्रालय के विशेषज्ञों ने स्किल एमपॉवरमेंट एंड एंप्लॉयमेंट स्कीम (एसईई) के अंतर्गत इस महत्वपूर्ण योजना की रूपरेखा तैयार की है। केंद्र सरकार का कहना है कि पहले वर्ष में 15 हजार युवा वेतनभोगी और स्वरोजगार के अवसरों के लिए प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे। विशेष छात्रवृत्ति योजना के तहत अगले पांच वर्षो तक लगभग 5000 छात्रों को वजीफा दिया जाएगा। इनमें से 4500 (90 फीसदी) छात्रवृत्तियां सामान्य डिग्री पाठ्यक्रम के लिए और 250-250 छात्रवृत्तियां मेडिकल व इंजीनियरिंग पाठ्यक्रमों के लिए होंगी। ये छात्रवृत्तियां कुल ट्यूशन फीस की एक मानक सीमा के अध्ययन को ही कवर नहीं करेंगी बल्कि इनमें हॉस्टल फीस, किताबों का खर्चा और अन्य आनुषंगिक खर्चे भी शामिल होंगे। एक अनुमान के मुताबिक सामान्य पाठ्यक्रम में लगभग 30 हजार, इंजीनियरिंग पाठ्यक्रम के लिए एक लाख 25 हजार और मेडिकल की पढ़ाई के लिए तीन लाख रुपये का खर्चा आएगा।
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