गरीबी रेखा से नीचे के परिवारों को घर में शौचालय निर्माण के लिए अब 3200 रुपये की सहायता दी जाएगी। यानी अब पहले से एक हजार रुपये अधिक मिलेंगे। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में हुई आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने गुरुवार को इसकी मंजूरी दे दी। बढ़ी राशि इसी 1 जून से लागू मानी जाएगी। बीपीएल परिवारों को अपने घरों में शौचालय निर्माण के लिए अभी तक 2200 रुपये की सहायता दी जाती थी। पर्वतीय इलाकों के लिए यह सहायता 2700 रुपये थी। केंद्र सरकार के इस फैसले के बाद सामान्य क्षेत्रों के बीपीएल परिवारों को अब शौचालय बनाने के लिए 3200 रुपये और पर्वतीय इलाकों के परिवार को 3700 रुपये दिए जाएंगे। केंद्र का योगदान सामान्य क्षेत्रों के लिये 2200 रुपये और पर्वतीय इलाकों के लिए 2700 रुपये का होगा। राज्य सरकारों को 1000 रुपये देने होंगे। लाभान्वित परिवारों को न्यूनतम 300 रुपये खर्च करने होंगे। राज्य सरकारें चाहें तो अपनी तरफ से अधिक राशि दे सकती है। बीपीएल परिवार अपनी ओर से भी पैसा लगा सकते हैं। इस फैसले से केंद्र सरकार पर 1348 करोड़ का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। राज्य सरकारों को भी करीब 577 करोड़ का अतिरिक्त बोझ वहन करना पड़ेगा। देश के ग्रामीण इलाकों में महिलाओं को खुले मैदान मैदान में शौच जाने में होने वाली दिक्कतों और स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए शुरू किए गए शौचालय निर्माण अभियान को तेज करने के लिए प्रोत्साहन राशि बढ़ाने का फैसला किया गया है। केंद्र ने मार्च 2015 तक देश के ग्रामीण घरों को शौचालय सुविधा से लैस करने का लक्ष्य तय किया है।
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