Wednesday, December 7, 2011

उप्र को 15 अरब की और परियोजनाएं


उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती ने संविधान निर्माता बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की 55वीं पुण्यतिथि पर मंगलवार को डेढ़ हजार करोड़ रुपये की एक सौ साठ परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया। सुश्री मायावती ने बिजली आपूर्ति में सुधार के लिये 375 करोड़ 22 लाख रुपये की लागत से बने पारेषण उपकेन्द्र का लोकार्पण किया। यह पारेषण केन्द्र उन्नाव, आगरा और अन्य जगहों पर बनाये गये हैं। बुंदेलखंड में 275 करोड़ 95 लाख रुपये की लागत से पेयजल योजनाओं का शिलान्यास किया गया। मुख्यमंत्री ने चिकित्सा, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण की 31 करोड़ 21 लाख रुपये की विभिन्न योजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया। उन्होंने 560 करोड़ रूपये की लागत से 24 पुलों के निर्माण का शिलान्यास किया। यह पुल लखनऊ जालौन, बस्ती, मुरादाबाद, बिजनौर, सीतापुर, अंबेडकरनगर, गोरखपुर, सहारनपुर, बहराइच, फैजाबाद, सुलतानपुर, बांदा, बरेली और गाजीपुर में बनने हैं। इसके अलावा 161 करोड़ रुपये की लागत से लोक निर्माण विभाग के सोलह मागरे का भी शिलान्यास किया गया। इस मौके पर मायावती ने विपक्षी दलों पर दलित उत्थान आंदोलन को कमजोर करने का आरोप लगाते हुए दलितों का आह्वान किया कि वे राज्य विधानसभा के आगामी चुनाव में बसपा के ज्यादा से ज्यादा प्रत्याशियों को जिताकर इन जातिवादी मानसिकतावाली पार्टियों को करारा जवाब दें। विधानसभा के चुनाव होने में कुछ ही महीने बाकी हैं। ऐसे में विरोधी पार्टियों की नींद उड़ गयी है और वे आये दिन मीडिया में किसी न किसी मुद्दे को लेकर हमारी पार्टी और सरकार के बारे में हमारे विधायकों, मंत्रियों तथा पार्टी वरिष्ठ पदाधिकारियों के बारे में कुछ न कुछ टीका टिप्पणी करते रहते हैं।उन्होंने कहा इससे साफ जाहिर हो गया है कि विरोधी पार्टियों के पास बसपा सरकार के पास कोई ठोस मुद्दा नहीं है।मायावती ने कहा हम बहुत संघर्ष करके इस मुकाम पर पहुंंचे हैं। हमें पार्टी को केन्द्र की सत्ता में लाना है। जाहिर है कि जातिवादी मानसिकता वाली पार्टियां हमारी राह में तरह-तरह के रोड़े अटकाएंगी। विधानसभा चुनाव में आप ज्यादा से ज्यादा विधायक जिताकर उन्हें जवाब दें।बसपा अध्यक्ष ने कहा कि उनकी पार्टी ने दलितों को सम्मान दिलाने की मुहिम चलायी है और जातिवादी मानसिकतावाली पार्टियां देश में दबे कुचले लोगों को बाकी तबकों के बराबर लाने के हमारे आंदोलन को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रही हैं। विपक्षी पार्टियों के हथकंडोंका फायदा बसपा को ही होगा, क्योंकि इससे पार्टी के कार्यकर्ता और बेहतर काम करने के लिये प्रेरित होंगे। अपनी पार्टी के इतिहास का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि विपक्ष के हमलों से बसपा हमेशा मजबूत हुई है। वर्ष 2007 में हुए राज्य विधानसभा के पिछले चुनाव से ऐन पहले भी सपा, भाजपाऔर कांग्रेस ने मिलकर बसपा के खिलाफ तरह-तरह की तरकीबें और हथकंडे अपनाए थे, नतीजतन पार्टी को चुनाव में स्पष्ट बहुमत प्राप्त हुआ। मायावती ने अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं से कहा कि वे विपक्षी दलों के हथकंडों का समझदारी से सामना करें और यही बाबासाहब भीमराव अम्बेडकर को सच्ची श्रद्धांजलि होगी। उन्होंने आरोप लगाया कि जातिवादी मानसिकता वाली पार्टियों ने दलितों के उत्थान पर कभी ध्यान नहीं दिया और जब बसपा की सरकार सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखायकी नीतियों पर चलकर इस दिशा में काम कर रही है तो उस पर तरह-तरह के आरोप लगाये जा रहे हैं।

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