तमिलनाडु दौरे पर आए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री जयललिता ने खाद्य सुरक्षा कानून के दायरे से राज्य को बाहर रखने की मांग उठाई। पीएम को सौंपे 18 पेज के ज्ञापन में जया ने केरल को मुल्लापेरियार पर नया बांध नहीं बनाने की सलाह देने के आग्रह के साथ प्रदेश के लिए वित्तीय पैकेज भी मांगा मगर कुडनकुलम पर पूरी तरह से चुप्पी साधे रखी। जया ने राज्य के दो दिन के दौरे पर पहंुचे प्रधानमंत्री के साथ 40 मिनट की बातचीत की। मुल्लापेरियार बांध पर विवाद के बीच उन्होंने जलाशय की सुरक्षा के लिए सीआइएसएफ की तैनाती की मांग दोहराई। बांध को लेकर राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा आपात बचाव प्रबंधन योजना के लिए विशेषज्ञों की टीम बनाने के हालिया आदेश को वापस लेने की मांग भी जयललिता ने प्रधानमंत्री से की। ज्ञापन में उन्होंने तमिलनाडु को प्रस्तावित राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा विधेयक से बाहर रखने की जोरदार वकालत की। उन्होंने विधेयक को खामियों से भरा और भ्रामक करार दिया। जया के मुताबिक खाद्य सुरक्षा विधेयक से राज्य पर 1800 करोड़ रुये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। उन्होंने तर्क दिया कि राज्य में सार्वजनिक वितरण प्रणाली बेहतर तरीके से काम कर रही है। जया ने कहा कि संघीय ढांचे में राज्य जनता के साथ सीधे जुड़ते हैं। ऐसे में बेहतर यही होगा कि लोकप्रिय योजनाओं को लागू करने का जिम्मा राज्य सरकारों पर ही छोड़ दिया जाए। अन्नाद्रमुक सुप्रीमो ने पाक खाड़ी में भारतीय मछुआरों के मछली के शिकार के पारंपरिक अधिकार के बचाव की वकालत की। साथ ही श्रीलंकाई नौसेना द्वारा हमलों के मद्देनजर में मछुआरों की सुरक्षा की मांग की। हालांकि आश्चर्यजनक तरीके से केंद्र को असहज कर देने वाले कुडनकुलम परमाणु बिजली संयंत्र के मसले पर जया ने कोई मांग यच् इच्छा प्रधानमंत्री को दिए ज्ञापन में जाहिर नहीं की। मॉस्को में प्रधानमंत्री द्वारा यह कहे जाने पर कि परियोजना के तहत पहला रिएक्टर 15 दिनों के भीतर चालू हो जाएगा। इस पर जया ने दोहराया था कि केंद्र स्थानीय निवासियों की आशंकाओं का समाधान किए बिना परियोजना पर आगे बढ़ने की कोशिश न करे। उन्होंने प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि वे केरल को सलाह दें कि वह तमिलनाडु के साथ सहयोग करे। ताकि केंद्रीय जल आयोग की सिफारिश के अनुसार मुल्लापेरियार बांध की मजबूती का काम तेज किया जा सके। जया ने गुजारिश की कि केरल सरकार 2006 के सुप्रीम कोर्ट के फैसले का सम्मान करते हुए बांध के जलाशय का स्तर 136 से 142 फीट तक बढ़ा दे। उन्होंने आरोप लगाया कि पड़ोसी राज्य की कांग्रेस सरकार दहशत फैलाने का काम कर रही है। जया ने तमिलनाडु की परिसंपत्तियों को नुकसान पहुंचाने के मद्देनजर बांध पर सीआइएसएफ तैनाती की मांग उठाई। वहीं द्रमुक सुप्रीमो एम करुणानिधि सोमवार को प्रधानमंत्री से मुलाकात करने वाले हैं। उन्होंने भी कहा है कि वह मुल्लापेरियार बांध के मुद्दे पर पार्टी की भावनाओं को प्रधानमंत्री के सामने रखेंगे।
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