उप्र सरकार ने मांग की है कि बुंदेलखंड क्षेत्र के लिए 10,685 करोड़ रुपये के प्रस्ताव को केंद्र सरकार तुरंत मंजूरी दे। शनिवार को झांसी में केंद्रीय योजना के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया को बताया गया कि बुंदेलखंड और पूर्वाचल क्षेत्र के लिए 17 जुलाई 2007 को 80 हजार करोड़ रुपये का पैकेज उपलब्ध कराने का प्रस्ताव भेजा गया था। इसमें बुंदेलखंड क्षेत्र के लिए 10,685 करोड़ रुपये के प्रस्ताव शामिल थे। केंद्र द्वारा अभी तक कोई निर्णय नहीं किया गया है। केन्द्र सरकार के संज्ञान में यह तथ्य भी लाया गया कि उत्तराखंड तथा कुछ अन्य राज्यों को स्पेशल एरिया इंसेंटिव पैकेज दिया गया है, लेकिन केंद्र द्वारा बुंदेलखंड क्षेत्र के लिए स्पेशल एरिया इंसेंटिव पैकेज नहीं दिया गया है। बुंदेलखंड क्षेत्र कठिन परिस्थितियों के मद्देनजर यहां के किसानों के लिए ऋण माफी की व्यवस्था लागू किए जाने के प्रदेश सरकार के प्रस्ताव को भी केंद्र सरकार की मंजूरी नहीं मिल पाई है। प्रवक्ता ने कहा कि केंद्र द्वारा प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र के लिए 3506 करोड़ रुपये का पैकेज वर्ष 2009 में तीन वर्ष की अवधि के लिए स्वीकृत किया गया है। इसमें से मात्र 1596 करोड़ रुपये की ही धनराशि अतिरिक्त केंद्रीय सहायता के रूप में उपलब्ध होगी। शेष धनराषि को पूर्व में विभिन्न चालू योजनाओं के अंतर्गत राज्य को पहले से प्राप्त हो रही धनराशि में ही समायोजित कर लिया गया है तथा कोई अतिरिक्त सहायता राज्य को नहीं दी गई है। इस प्रकार यह पैकेज मात्र 1600 करोड़ रुपये तक ही सिमट कर रह गया है, जो बुन्देलखंड क्षेत्र के विकास की आवश्यकताओं को देखते हुए अपर्याप्त है। उधर बसपा के प्रदेश अध्यक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य ने केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्यमंत्री प्रदीप जैन द्वारा बुंदेलखंड पैकेज के संबंध में सीबीआइ जांच कराने की मांग को खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा है कि केंद्र सरकार बुंदेलखंड के विकास के प्रति गंभीर नहीं है और बुंदेलखंड क्षेत्र के विकास जैसे मुददे पर कांग्रेस ड्रामेबाजी पर उतारू है। मौर्य ने कहा है कि प्रदेश सरकार पूरी पारदर्शिता और मानकों के अनुरूप बुंदेलखंड पैकेज के क्रियान्वयन तथा क्षेत्र के विकास के लिए कार्य कर रही है। ऐसे में केंद्र सरकार को प्रदेश सरकार द्वारा प्रस्तुत की गई योजनाओं को शीघ्र स्वीकृति देनी चाहिए। फिर भी केंद्र विधानसभा चुनाव के मद्देनजर बुंदेलखंड प्रकरण को राजनीतिक मोड़ देने के प्रयास में जुटा है।
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