Tuesday, December 7, 2010

मालवा बनेगा मप्र का औद्योगिक हब

मध्य प्रदेश में अब मालवा औद्योगिक हब बनने की ओर बढ़ चला है। ज्यादातर बड़ी कंपनियां मालवा को उद्योग स्थापित करने के नजरिए से बेहतर मान रही हैं। खजुराहो में अक्टूबर में हुई ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2 में सबसे ज्यादा एमओयू मालवा क्षेत्र में उद्योग स्थापित करने के लिए किए गए हैं। आधिकारिक जानकारी के मुताबिक इस क्षेत्र में 25 कंपनियों ने 50 हजार करोड़ रुपये से अधिक राशि का निवेश करने के लिए करार किए हैं। 22-23 अक्टूबर को हुए खजुराहो समिट में विदेशी कंपनियों सहित 96 कंपनियों के साथ दो लाख 44 हजार करोड़ रुपये से भी अधिक के 110 एमओयू पर हस्ताक्षर हुए हैं। अधिकारी ने बताया कि बुंदेलखंड क्षेत्र में 14 परियोजनाओं के लिए 45 हजार करोड़ रुपये से अधिक और रेवांचल में 20 परियोजनाओं के लिए 40 हजार करोड़ रुपये से अधिक राशि के निवेश प्रस्तावों पर हस्ताक्षर हुए हैं। जबलपुर संभाग (महाकौशल) में 19 परियोजनाओं के लिए 25 हजार करोड़ रुपये से अधिक राशि के एमओयू हस्ताक्षरित हुए हैं। भोपाल-चंबल संभाग में पांच परियोजनाओं के लिए 5,112 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों पर हस्ताक्षर हुए हैं। वहीं, 68 हजार 628 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव की 15 परियोजनाओं का विस्तार क्षेत्र संपूर्ण मध्य प्रदेश है। इनमें वे निवेश प्रस्ताव भी शामिल हैं, जिनमें कंपनियों को अपनी परियोजनाओं के लिए उपयुक्त स्थान का चयन करना है। सूत्रों ने बताया कि मध्य प्रदेश में पूंजी निवेश आकर्षित करने के अभियान के अंतर्गत राज्य शासन के साथ विदेशी और घरेलू कंपनियों ने सात लाख करोड़ रुपये से अधिक राशि के एमओयू साइन हुए हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में इनमें से कुछ बड़ी परियोजनाएं तेजी से क्रियान्वयन की और अग्रसर हैं, जिन्हें मानचित्र में दर्शाया गया है। उद्योग मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा है कि सरकार प्रदेश के सभी क्षेत्रों का संतुलित, समन्वित और समग्र विकास करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान प्रदेश को सुनियोजित रूप से क्षेत्रवार विकास सुनिश्चित करने के लिए कृतसंकल्प हैं। उन्होंने विश्वास जताते हुए कहा कि सभी निवेश प्रस्तावों को जमीन पर उतारकर मुख्यमंत्री के संकल्प को साकार किया जाएगा।
 

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