120 किमी की गति से दौड़ेगी ट्रेन, स्पेन से बनकर आएंगे कोच, चेक-इन के लिए मिल चुकी है मंजूरी
व्यावसायिक संचालन के लिए अब सीएमआरएस की मंजूरी का इंतजार, विभिन्न एयरलाइंस ने दिखाई चेक इन काउंटर खोलने में रुचि
नई दिल्ली। राजधानी की पहली हाईस्पीड एयरपोर्ट मेट्रो की ट्रेनें लंदन व हांगकांग की एयरपोर्ट मेट्रो जैसी होंगी। एयरपोर्ट मेट्रो के स्टेशनों पर चेक इन काउंटर खोलने की ब्यूरो आफ सिविल एविशेन सिक्यूरिटी (बीसीएएस) की मंजूरी मिलने के बाद अब इस लाइन को मेट्रो रेल सुरक्षा आयुक्त (सीएमआरएस) की मंजूरी का इंतजार है। इस लाइन पर सुरक्षा के लिए भी कड़े इंतजाम किए गए हैं। स्टेशनों पर चेक इन काउंटर खोलने के लिए एयर इंडिया सहित विभिन्न एयरलाइंस कंपनियों ने रुचि दिखाई है। नई दिल्ली से इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे तक बनाए गए एयरपोर्ट एक्सप्रेस-वे राजधानी की पहली हाईस्पीड मेट्रो लाइन है। इस पर 120 किमी की गति से मेट्रो दौड़ेगी। इस कोरिडोर के लिए स्पेन की कंपनी सीएफ को ट्रेनों का आर्डर दिया गया है। जिस प्रकार की सुपर लग्जरी ट्रेनें इस कोरिडोर के लिए मंगाई गई हैं, वे ट्रेनें लंदन व हांगकांग जैसे शहरों में दिखाई देती हैं। यात्रियों को एयरपोर्ट पहुंच कर सामान की सुरक्षा जांच चेक इन न कराना पड़े, इसके लिए मेट्रो के स्टेशनों पर ही अब चेक इन का रास्ता साफ हो गया है। इस कोरिडोर के नई दिल्ली, धौलाकुआं तथा शिवाजी स्टेडियम स्टेशनों पर हवाई अड्डे की तर्ज पर चेक इन काउंटर खोले जाएंगे। यहां यात्रियों के सामान की जांच के बाद संबंधित एयरलाइंस के पास सामान जमा हो जायेगा। चेक इन काउंटर खोलने के लिए ब्यूरो आफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी (बीसीएएस) ने पिछले दिनों मंजूरी दे दी है। सूत्रों के अनुसार एयरपोर्ट मेट्रो एक्सप्रेस प्राइवेट लिमिटेड (डीएएमईपीएल) को यह मंजूरी दिलाने में नागरिक उड्यन मंत्रालय की विशेष भूमिका रही है। बीसीएएस की मंजूरी के बाद विभिन्न एयरलाइंस कंपनियों ने भी इस कोरिडोर पर स्थित मेट्रो स्टेशनों पर अपने चेक इन काउंटर खोलने में रुचि दिखाई है। डीएएमईपीएल प्रवक्ता के अनुसार पिछले दिनों ही एयर इंडिया की एक टीम ने नई दिल्ली व शिवाजी स्टेडियम स्टेशन पर पहुंच कर चेक इन काउंटर खोले जाने के लिए सव्रे भी किया। इसके अलावा जेट व किंगफिशर से भी बात चल रही है। इस कोरिडोर की सुरक्षा को लेकर भी खास इंतजाम किए गए हैं। सुरक्षा का जिम्मा एक निजी एजेंसी को दिया गया है। कोरिडोर पर जगह-जगह सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। प्रवेश द्वारों पर बैग स्कैनर तथा विस्फोटक डिटेक्टर लगाए गए हैं। हालांकि इस लाइन को कॉमनवेल्थ गेम्स से पहले शुरू किया जाना था, लेकिन मेट्रो रेल सुरक्षा आयुक्त से सुरक्षा प्रमाणपत्र न मिलने के कारण यह लाइन शुरू नहीं हो पाई थी। डीएएमईपीएल प्रवक्ता के अनुसार सीएमआएस के सुझावों के अनुरूप सभी खामियों को दूर कर लिया गया है। अब इस लाइन पर व्यावसायिक संचालन के लिए बस सीएमआरएस की मंजूरी का इंतजार है। सनद रहे कि पिछले दिनों दिल्ली मेट्रो रेल कारपोरेशन के प्रबंध निदेशक डॉ. ई. श्रीधरन ने कहा था कि एयरपोर्ट लाइन 15 जनवरी तक शुरू कर दी जाएगी।
No comments:
Post a Comment