अपर्याप्त सफाई व्यवस्था के चलते भारत को काफी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। सफाई व्यवस्था के माकूल इंतजाम नहीं होने से चार वर्ष पहले देश को 53.8 अरब डॉलर का नुकसान उठाना पड़ा था, जो उस वर्ष की जीडीपी दर का 6.4 प्रतिशत था। विश्व बैंक के जल एवं सफाई कार्यक्रम ने भारत की सफाई व्यवस्था पर ताजा रिपोर्ट जारी की है। इसमें अपर्याप्त सफाई व्यवस्था से मत्यु और बीमारी, शिक्षा, उत्पादकता और पर्यटन क्षेत्र में होने वाले नुकसान का विश्लेषण किया गया है। इसके तहत समय से पहले मृत्यु और अन्य स्वास्थ्य संबंधी प्रभावों के चलते सबसे ज्यादा 38.5 अरब डॉलर का नुकसान उठाना पड़ता है। साथ ही पेयजल से जुड़े मुद्दों की वजह से 4.2 अरब डॉलर का नुकसान होता है। रिपोर्ट के अनुसार अपरिपक्व मृत्यु से होने वाले आर्थिक नुकसान का तीन चौथाई हिस्सा पांच साल से छोटे बच्चों में विभिन्न बीमारियों और उनकी मृत्यु से होता है। इसमें सबसे ज्यादा नुकसान छोटे बच्चों में डायरिया के संक्रमण की वजह से होता है। विश्व बैंक ने रिपोर्ट के मार्फत भारत से सफाई व्यवस्था में और निवेश करने पर जोर देने की बात कही है। रिपोर्ट के अनुसार अब सरकार को शौचालयों, सीवरेज और गंदे पानी को स्वच्छ करने से जुड़े उपायों के अलावा अपर्याप्त सफाई व्यवस्था से प्रभावित होने वाले स्वास्थ्य, जल और पर्यावरण से जुड़े मामलों में सुधार करने की आवश्यकता है।
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