Monday, December 20, 2010

निगम ने रोकी मंत्रियों के बंगले की फाइल

दिल्ली सरकार के मंत्रियों के लिए अताउर रहमान रोड पर बनने वाले बंगलों के लिए एमसीडी ने परमीशन नहीं दी है। यह मामल छह माह से लटका हुआ है। नगर निगम ने लोक निर्माण विभाग से पूछा है कि यह बताया जाए कि बंगले बन जाने के बाद मंदिर और पास में बसी कालोनी के लोगों को रास्ता कहां से दिया जाएगा। यहां पर बनने वाले एक बंगले के परिसर से रास्ता निकल रहा है। ऐसे में नगर निगम लोक निर्माण विभाग के जवाब का इंतजार कर रहा है। दिल्ली सरकार ने अपने मंत्रियों के लिए छह बंगले बनाने की योजना का कार्य लोक निर्माण विभाग को 2008 में सौंपा था। योजना को दिल्ली अर्बन आर्ट कमीशन (डीयूएसी) ने दो बार वापस भेजने के बाद 2009 में अनुमति दे दी थी। योजना को उसी समय नगर निगम में भेजा गया था। इस पर विभिन्न तकनीकी जानकारी लेने के बाद नगर निगम ने राजनिवास रोड पर बनने वाले बंगलों के निर्माण की अनुमति दे दी है, जबकि अताउर रहमान रोड पर बनने वाले दोनों बंगलों को अनुमति नहीं दी है। योजना के प्रारूप के अनुसार यहां पर बनने वाले एक बंगला के परिसर के अंदर से निकट स्थित कालोनी को रास्ता देना पड़ेगा। यहीं पर बने मंदिर के लिए भी रास्ता छोड़ना पड़ेगा। पेंच यह है कि मंत्री के बंगले के परिसर से रास्ता दिया जाए या फिर कोई और रास्ता निकाला जाए। कालोनी के लिए दूसरी ओर से रास्ता दिया जाना संभव नहीं है। क्या है योजना : दिल्ली सरकार के मंत्रियों के लिए छह बंगले बनाए जाने हैं। इनमें से चार बंगले 8-राजनिवास मार्ग व दो बंगले 3-अताउर रहमान मार्ग पर बनाए जाने हैं। एक बंगला एक एकड़ जमीन पर बनाया जाएगा। क्या-क्या होगा बंगले में : बंगले के लिए निर्धारित 4046 वर्ग मीटर जमीन में से 612 वर्ग मीटर कवर्ड एरिया होगा। इसमें पांच बड़े बेडरूम, डाइनिंग रूम, ड्राइंग रूम, किचन, स्टोर, बरांडा व गेस्ट बेडरूम बनाया जाएगा। छत के ऊपर कोई भी निर्माण नहीं होगा। कवर्ड एरिया के अलावा शेष भाग पर छोटे पौधों के साथ हरियाली विकसित की जाएगी। मंत्रियों के बंगले में तीन कारों के लिए कवर्ड पार्किंग होगी। खास बात यह होगी कि बंगले के साथ सर्वेट क्वार्टर नहीं बनाए जाएंगे। इनके लिए बंगलों से कुछ दूरी पर 120 वर्ग मीटर के क्वार्टर बनाए जाएंगे।

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