ऐशो आराम के सामान जुटाने में देश के लोग भी पीछे नहीं हैं। इसका पता कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग एसोसिएशन (सीईएएमए) की एक रिपोर्ट से चलता है। इसके मुताबिक कंज्यूमर ड्यूरेबल उद्योग ने वर्ष 2010 में 12-13 फीसदी की आकर्षक वृद्धि दर्ज की है। भारत का कंज्यूमर ड्यूरेबल उद्योग 35 हजार करोड़ रुपये का है। भारतीय उपभोक्ता एलसीडी, पीडीपी, एलईडी जैसे डिस्प्ले श्रेणी के उत्पाद खरीदने में काफी आगे रहे हैं। इन उत्पादों की वृद्धि 45 प्रतिशत आंकी जा रही है। जबकि एयर कंडीशनर की बिक्री में 12 प्रतिशत एवं अन्य घरेलू उपकरणों की बिक्री में 23 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई है। इस उद्योग के बेजोड़ प्रदर्शन को देखते हुए सीईएएमए के अध्यक्ष डॉ. वाईवी. वर्मा उम्मीद करते हैं कि अगले साल भी इलेक्ट्रॉनिक उद्योग 15 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज करेगा। हालांकि, कई उपकरणों की पहुंच का स्तर अभी भी काफी कम है। जैसे, रेफ्रिजरेटर का उपयोग अभी भी देश के सिर्फ 18 प्रतिशत लोग कर रहे हैं। इसी प्रकार वॉशिंग मशीन का उपयोग 6, माइक्रोवेव ओवन का 1 और एयर कंडीशनर का 3 प्रतिशत से कम लोग कर रहे हैं। इस अछूते बाजार को ही इलेक्ट्रॉनिक उद्योग अपना लक्ष्य मानकर चल रहा है और लोगों की पसंद के अनुरूप अपने उत्पादों को ढालने की कोशिश कर रहा है.
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