विकास की राह पर धमक के साथ आगे बढ़ने को तैयार बिहार पर अब विश्व बैंक की भी विशेष नजर है। बिहार के हालिया दौरे से उत्साहित विश्व बैंक के अध्यक्ष रॉबर्ट बी. जोएलिक का साफ संकेत है कि नए साल में इस राज्य को न सिर्फ बुनियादी ढांचा विकास और आपदा प्रबंधन के लिए मदद मिलेगी, बल्कि निजी उद्यमिता को भी बढ़ावा दिया जाएगा। कुछ दिनों पूर्व ही बिहार का दौरा कर आए जोएलिक ने दैनिक जागरण से बातचीत में विकास की संभावना जताते हुए कहा कि बिहार पर उनकी खास तवज्जो है। पिछले साल राजस्थान को यह दर्जा मिला था। बिहार में कानून व्यवस्था और ढांचागत विकास पर संतोष जताते हुए उन्होंने कहा कि विश्व बैंक उन निजी उद्यमियों को भी आगे बढ़ाना चाहता है, जो कुछ नया कर रहे हैं। इस बाबत उन्होंने खासतौर पर धान की भूसी से बिजली बनाने वाली निजी कंपनी का उल्लेख किया। विश्व बैंक उनकी मदद करने के लिए तैयार है। फिलहाल इसे इंटरनेशनल फाइनेंस कॉरपोरेशन से मदद मिल रही है। कुछ दिनों पूर्व ही विश्व बैंक और बिहार सरकार ने कोसी प्रोजेक्ट के लिए लगभग 220 मिलियन डॉलर का समझौता किया था। बताया जाता है कि विश्व बैंक अगले कुछ वर्षो में बिहार को एक अरब डालर की सहायता देने का मन बना चुका है। कोसी प्रोजेक्ट समझौता इसकी पहली कड़ी है। विश्व बैंक की सहायता मुख्य रूप से कृषि, सड़क, बाढ़ प्रबंधन और आपदा प्रबंधन के मद में होगी। जोएलिक ने कहा कि कम आय वाले बिहार राज्य में नई संभावनाएं दिखनी शुरू हुई हैं।
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