Sunday, January 9, 2011

बिजली की बर्बादी कर रहे शॉपिंग मॉल्स

केंद्रीय शहरी विकास मंत्री सौगत राय ने देश में जगह-जगह पनप रहे खुदरा कारोबार के चमकते शॉपिंग सेंटरों को धन का निर्लज्ज दिखावा बताया है। उन्होंने कहा कि मॉल्स ऊर्जा की बर्बादी कर रहे हैं। उन्होंने ऐसी जगहों पर ऊर्जा संरक्षण के कुछ विशेष नियम लागू करने की जरूरत पर जोर दिया। इंडिया हैबिटेट सेंटर में पर्यावरण अनुकूल भवन पर आयोजित कार्यक्रम में द एनर्जी रिसर्च इंस्टिट्यूट (टेरी) के महानिदेशक आरके पचौरी ने भी शॉपिंग माल्स को ईधन डकारने वाली जगह बताया। सौगत राय ने पचौरी की बात से सहमति जताते हुए कहा कि अब वक्त आ गया है कि समाज खड़ा हो और ईधन डकारने वाले इन शॉपिंग मॉल्स पर कुछ कायदे-कानून लागू किए जाएं। राय ने कहा कि शॉपिंग सेंटर बिजली, पानी की बचत के लिए खुद कुछ नहीं कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ये गरीब लोगों के मन पर तो असर डालते ही हैं, साथ-साथ ईधन की भीषण बर्बादी भी करते हैं। राय तृणमूल कांगे्रस के सदस्य हैं। उन्होंने यह भी कहा कि शॉपिंग मॉल्स के मालिक ऊर्जा संरक्षण के उपाय करें, तो इससे उनका भी फायदा होगा। हाल ही में पर्यावरण मंत्री जयराम रमेश ने कहा था कि स्पो‌र्ट्स यूटिलिटी व्हिकल डीजल डकारने वाले वाहनों में हैं। उन्होंने कहा कि इनका इस्तेमाल करने वाले लोग देश में ऊर्जा के कातिल हैं। पचौरी ने कहा कि भारत में मौजूद मॉल्स उत्तरी अमेरिका में मौजूद शॉपिंग सेंटरों की नकल हैं। उन्होंने कहा कि पूरे देश में शॉपिंग मॉल्स की बाढ़ आ गई है। उन्होंने रोज पनप रहे शॉपिंग मॉल्स पर आपत्ति जताते हुए कहा कि ये ऊर्जा का अनाप-शनाप इस्तेमाल कर रहे हैं। पचौरी ने कहा कि इन मॉल्स के मालिकों को पास काफी पूंजी है। उन्हें इस पूंजी का इस्तेमाल अपने मॉल्स को ऊर्जा की कम खपत के मुताबिक बनाना चाहिए, लेकिन दुर्भाग्य से ऐसा नहीं किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस स्थिति से बचने के लिए कुछ खास कदम उठाना जरूरी है।

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