५०० मेगावाट के पार्क पर १,२४७ करोड़ की लागत का अनुमान
गुजरात में एशिया का सबसे बड़ा सोलर पार्क बनने जा रहा है। राज्य के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को इसका शिलान्यास किया। गुजरात सोलर पार्क (जीएसपी) में 500 मेगावाट बिजली का उत्पादन किया जाएगा। इस पार्क पर करीब 1,247 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है। गुजरात सरकार द्वारा पाटन जिले में स्थापित किया जाने वाला यह पार्क दो हजार हेक्टेयर भूमि में फैला होगा। पहले चरण में सरकार जीएसपी के लिए 1,080 हेक्टेयर भूमि आवंटित कर चुकी है। सौर ऊर्जा क्षेत्र की विभिन्न कंपनियों को पार्क में सौर ऊर्जा पैदा करने के लिए तीस साल की लीज पर भूमि दी जाएगी। ये कंपनियां इस जमीन पर सौर ऊर्जा उत्पादन में इस्तेमाल होने वाले कलपुर्जो की विनिर्माण इकाइयां भी स्थापित करेंगी। निजी क्षेत्र द्वारा इस सोलर पार्क में करीब 7,500 करोड़ रुपये निवेश किए जाने का अनुमान है। जीएसपी में एक स्मार्ट ग्रिड ट्रांसमिशन नेटवर्क भी होगा, जिसे गुजरात एनर्जी ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन लिमिटेड (जीईटीसीओ) द्वारा संचालित किया जाएगा। इस मौके पर मोदी ने कहा कि ऐसे समय में जब दुनिया जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों का सामना कर रही है, गुजरात की इस पहल से नई क्रांति आएगी। राज्य सरकार ने वर्ष 2011 तक सोलर पार्क से 200 मेगावाट बिजली उत्पादन का लक्ष्य रखा है। वर्ष 2012 तक इसकी उत्पादन क्षमता को 500 मेगावाट तक पहुंचाने की योजना बनाई गई है। बकौल मोदी एक हजार मेगावाट सौर ऊर्जा से नौ लाख मीट्रिक टन कोयले की बचत होगी और कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने के लिए यह मात्रा कम नहीं कही जा सकती। गुजरात में पानी के जरिए बिजली उत्पादन के बहुत सीमित साधन हैं और कोयला आधारित साधनों पर ज्यादा निर्भरता है। मोदी ने कहा कि बिहार और अन्य राज्यों से कोयले की ढुलाई पर ही करोड़ों रुपये का खर्च आ जाता है।
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